How to increase Running Stamina and Speed

अक्सर आपने अपने मित्रों तथा अध्यापक जो आपके साथ रनिंग ग्राउन्ड या जिम में होते हैं उनके मुंह से सुन ही होगा, बेटा बॉडी दर्द करती है न तो स्टैमिना बढ़ाओ तभी कुछ सुधार कर पाओगे वरना नहीं, अब स्टैमिना, स्टैमिना, स्टैमिना, क्या है यह स्टैमिना, आखिरकार क्यूँ सब मुझे ही स्टैमिना का ज्ञान दे रहे हैं,  अगर आप भी अपने स्टैमिना को लेकर चिंतित हैं या फिर आप भी कहीं न कहीं यह पता करने में लगे हैं कि अपनी रनिंग को अच्छा करने के लिए स्टैमिना की क्या भूमिका है तथा स्टैमिना को कैसे बढ़ाएं तो आप सही जगह पर हैं यह लेख आपके लिए ही लिखा गया है।  

स्वागत है आपका SatikInformation.com में, आज आपके सामने मैं एक ऐसा लेख प्रस्तुत करने जा रहा हूँ जिसमें important tips for increasing stamina for running (stamina kaise bdhayen in hindi), के साथ – साथ how to increase stamina and speed in hindi, पर भी चर्चा करूंगा।

नए धावकों के मन में निस्संदेह एक सवाल जरूर होता ही है। जॉगिंग के लिए सहनशक्ति कैसे बढ़ाएं। अपनी सहनशक्ति बढ़ाने के लिए ऐसा करें। और थके बिना ज्यादा दूरी की रनिंग के लिए खुद को सक्षम कैसे बनाएं। हाफ-मैराथन, 10km, या 5km दौड़ना चाहते हैं। हालाँकि, जब आप दौड़ने जाते हैं तो 1 किलोमीटर भी नहीं दौड़ सकते। सांस लेने में तकलीफ होती है। पैरों का बढ़ना बंद हो जाता है और पेट में दर्द होता है। ये सब सहनशक्ति की कमी के लक्षण हैं। इसलिए, आपको सहनशक्ति विकसित करनी चाहिए, तभी आप बड़ी दूरी तक दौड़ पाएंगे। सहनशक्ति बढ़ाने की कोशिश करते समय धावकों को विभिन्न तत्वों पर विचार करना चाहिए। यदि इन वस्तुओं को ठीक कर लिया जाए तो निस्संदेह सहनशक्ति में वृद्धि होगी।

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शरीर के स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए आपको नियामित अपने शरीर के द्वारा कुछ न कुछ व्यायाम करना बहुत ही जरूरी है साथ ही उस व्यायाम तथा अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार अपनी डाइट का भी चयन करना बहुत जरूरी है।

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बॉडी में स्टैमिना क्या है

बिना थके या रुके लंबे समय तक लगातार किसी भी काम करने की हमारी शारीरिक क्षमता को ही सहनशक्ति या स्टैमिना के नाम से जाना जाता है। जिस तरह एक मजदूर सुबह से ही अपने काम को शुरू करता है और बिना रुके शाम तक काम करता है। हम इसे सहनशक्ति या स्टैमिना के रूप में समझ सकते हैं। इसी तरह, दौड़ने की सहनशक्ति वाला या ज्यादा स्टैमिना वाला एक धावक बिना थके हुए ज्यादा समय के लिए रनिंग कर सकता है, परंतु जब कोई काम बार-बार किया जाता है, तो वह अंततः एक दैनिक गतिविधियाओं का भाग बन जाता है। ऐसा करना वास्तव में कोई कठिन बात नहीं है। परंतु हम आज के समय में इतने आलसी होते जा रहे हैं कि किसी भी काम को कुछ दिन तो अच्छे से करेंगे और फिर कुछ दिन बाद ही हम खुद में ही पता नहीं क्या ही समझने लग जाते हैं तथा हमने ऐसे ही लगने लग जाता है कि हमसे नहीं हो पाएगा। तो सबसे पहले तो मैं आपको बता दूँ अगर आप एक आर्मी मैन या खुद कि life में कुछ करना चाहते हैं तो इस ख्याल और आलस को दिमाग से बिल्कुल निकाल ही दें, फिर ही आप कुछ कर सकते हैं। 

मेरे कहने का मतलब यह नहीं है कि मैराथन दौड़ भी आसान हो जाएगी। बल्कि आपका शरीर मैराथन खत्म करने के लिए पर्याप्त सहनशक्ति को हासिल करेगा। तो आइए जानें कि सहनशक्ति बढ़ाने के लिए कोई उपाय हैं या नहीं।
जैसा कि पहले कहा गया। ज्यादा व्यायाम आपको लंबी दूरी तक दौड़ने में मदद कर सकते हैं। और ये चीजें लगातार इस्तेमाल करने के बाद और भी मजबूत होती जाती हैं। चूंकि कहा ही गया है:

                      “Practice makes a man perfect.”

इसका मतलब कोशिशों से ही कोई भी व्यक्ति पूर्ण होता है अर्थात अभ्यास मनुष्य को पूर्ण बनाता है।

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Tips for improve Stamina

हमारे शरीर की सहनशक्ति और ऊर्जा हमें लंबे समय तक निरंतर शारीरिक या मानसिक तनाव को सहन करने की सहनशक्ति प्रदान करती है। किसी गतिविधि में शामिल होने के दौरान बेचैनी या तनाव सहने में सक्षम होना अच्छी सहनशक्ति का संकेत है। यह आपके प्रयासों की सफलता और उत्पादकता में सहायता करते हुए थकान और थकावट को कम करता है।

हमने यहाँ नीचे कुछ टिप्स तथा बातें आपके साथ शेयर  की हैं जिन्हे आप आसानी से फॉलो भी कर सकते हैं।  

Running से पहले वॉर्म अप जरूरी

जब कभी भी आप दौड़ने जाते हैं तो हमेशा ध्यान रखें रनिंग को स्टार्ट करने से पहले वॉर्म अप जरूर करें। वॉर्म अप एक ऐसा व्यायाम जिसे आपके शरीर को रनिंग के लिए तैयार करने या सीधे शब्दों में कहें तो बॉडी को गरम करने के लिए किया जाता है। तो अपने शरीर की मांसपेशियों को गर्म करने के लिए 10 – 15 मिनट तक वॉर्म अप जरूर करें, इसके लिए आप ऐसे व्यायाम को वॉर्म अप में शामिल कर सकते हैं जो बहुत ही साधारण होते हैं या फिर जिन्हें करने से आपका शरीर ज्यादा थकता नहीं है जैसे गर्दन को घुमाना, हाथों और पैरों को भी घुमाना, इसके अलावा आप हल्की सी जॉगिंग करते हुए अपने पैरों और हाथों को चलाएं। इसके अतिरिक्त आप स्पॉट जॉगिंग, जंपिंग जैक, साइड बेंड, एंकल रोटेशन, नेक रोटेशन, आर्म सर्कल, शोल्डर रोटेशन, कमर रोटेशन और स्ट्रेचिंग जैसे एक्सरसाइज को इसमें शामिल कर सकते हैं।

Running को हमेशा धीरे-धीरे शुरू करें

अगर आप हैं एक शुरुआती धावक तो शुरुआत में ही तेजी के साथ न दौड़ें बल्कि धीरे-धीरे तथा छोटे स्टेप्स के साथ लंबी दूरी तक दौड़ें तथा धीरे-धीरे दौड़ें न कि एक दम से ही ज्यादा तेजी के साथ दौड़ कर खुद को एक या दो मिनट में ही थका लें। अगर आप धीरे-धीरे ज्यादा दूरी कि दौड़ लगाते हैं तो इससे आपकी ज्यादा देर तक तथा ज्यादा दूरी को तय करने की क्षमता का विकास होता है और आप फिर धीरे-धीरे छोटी दूरी की भी दौड़ लगाने में महारत हासिल कर पाएंगे। 

Running के लिए स्ट्रेचिंग है जरूरी

यदि आप नियामित रूप से दौड़ने जाते हैं तो आपको स्ट्रेच या कूल ऑफ करना बहुत ही जरूरी है, यह भी आपकी बॉडी के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि आपके वॉर्म अप करना। स्ट्रेचिंग करने से दौड़ने के दौरान हो रहे मांसपेशियों के थकान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए आप अपने गार्डन, कंधे, पैरों, हाथों, कमर आदि को थोड़ा सस खिंचाव दे सकते हैं। यह बॉडी में हो रहे दर्द को भी कम करने में काफी हद तक सहायक होता है। 

पानी ज्यादा पियें

अगर आप रनिंग करते हैं या बॉडी के लिए वर्कआउट कर रहे हैं तो अपने शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए पनि बहुत जरूरी है। अगर किसी कारणवश आपके शरीर में पानी कि कमी हो जाती है तो आपका खून भी गाढ़ा पड़ जाता है या खून जमने सा लगता है, अब इसे पढ़ने के बाद भी आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है क्यूंकी जब समस्या है तो उसका हल भी निकलता है, ऐसे नहीं तो मेहनत से ही सही। तो आपको कुछ नहीं करना बस कोशिश करनी है कि दिन में ज्यादा से ज्यादा पानी पिया जाए। अगर आपको जानना है कि आपके बॉडी में पानी की कमी है या नहीं तो आप इसे अपने यूरिन (पेशाब) के जरिए पता कर सकते हैं, अगर आपकी पेशाब पीली आती है तो आपमें पानी कि कमी है और यदि आपकी पेशाब सफेद या पीली नहीं है तो आपके बॉडी में पानी कि मात्रा बिल्कुल ठीक है, परंतु आपको फिर भी अपनी बॉडी की खपत के अनुसार पानी पीते रहना चाहिए। ऐसा इसलिए क्यूंकि रनिंग के दौरान हमारी बॉडी से काफी पसीना बहता है। 

बुरी आदतों से बचें

अगर आप अपनी बॉडी को रखना चाहते हैं फिट तथा बढ़ाना चाहते हैं अपना स्टेमिना, तो बुरी आदतों को कर दें साइड। 

चूंकि हम सभी में ही कोई न कोई बुरी आदत तो होती ही है अच्छी आदतों के साथ-साथ, और जिनके बारे में हम बहाली भांति जानते भी हैं परंतु ध्यान नहीं देते हैं। बुरी आदतों में जैसे स्मोकिंग, शराब पीना तथा जंक फूड कि आदतों से खुद को जितना बचा सकते हैं बचाएं क्यूंकी इन आदतों को मार कर ही आप अपनी बॉडी को फिट रख सकते हैं और अपने स्टेमिना को बढ़ा सकते हैं।

भरपूर आराम लें

अपनी शारीरिक क्षमता को बढ़ाने के लिए आपको जितना व्यायाम करना जरूरी होता है उतना ही शरीर को आराम भी देना चाहिए, इसीलिए कम-से-कम 7 या 8 घंटे की नीद बहुत जरूरी है, तथा शरीर के आराम के साथ-साथ चिंता मुक्त भी रहने की कोशिश करें, क्यूंकी अक्सर बॉडी कि ज्यादातर परेशानियाँ हमारी चिंता के कारण उत्पन्न होती हैं।

डाइट पर दें विशेष ध्यान

अगर आपको अपना रनिंग स्टेमिना बढ़ाना है तो अपने खान-पान में जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करें, जिससे स्टेमिना के साथ-साथ आपका शरीर भी मजबूत होता है।

  • प्रोटीन डाइट का सेवन करें।
  • दिन में 2-4 भीगे बादाम या अखरोट का सेवन करें।
  • स्टेमिना बढ़ाने के लिए खाएं किशमिश तथा खट्टे फल। 
  • सहनशीलता बढ़ाने के लिए खाएं सेब। 
  • केले का करें सेवन।
  • संतुलित आहार को नियामित रखें। 
  • नियामित रूप से व्यायाम तथा दौड़ने के लिए ग्राउन्ड जाएं। 

रनिंग का सही तरीका अपनाएं

प्रभावी ढंग से दौड़ने के लिए आपका दौड़ने का तरीका भी अच्छा होना चाहिए। दरअसल, दौड़ने के लिए पूरे शरीर में तनाव और विश्राम का उचित स्तर बनाए रखना आवश्यक है। एक संतुलित रनिंग स्टांस आपको तेज, आगे और चोट मुक्त दौड़ने में मदद करता है। प्रारंभिक के लिए

  • अपने जूते पहनें और फिर आगे बढ़ें।
  • जॉगिंग करते समय अपनी सांसों के प्रति सचेत रहें।
  • जैसे ही आप उसी गति से धीरे-धीरे दौड़ना शुरू करते हैं, मुट्ठी धीरे से बंद रहनी चाहिए।
  • अपने शरीर की अनुमति के अनुसार दूरी और गति बढ़ाएं।

अश्वगंधा अपनाएं

जड़ी बूटी अश्वगंधा का उपयोग समग्र स्वास्थ्य और सहनशक्ति में सुधार के लिए किया जाता है। यह संज्ञानात्मक कार्य को बढ़ाने और तनाव को कम करने में सहायता करता है। अश्वगंधा ऊर्जा को बढ़ाता है और कार्डियोरेस्पिरेटरी सहनशक्ति को संतुलित करता है। इसके कारण विस्तारित अवधि के लिए दौड़ना संभव हो जाता है।

Stamina कमजोर होने के लक्षण

मानव शरीर में स्टेमिना के कम होने के कई सामान्य से लक्षण हैं जिनमें से कुछ का नीचे जिक्र किया गया है:

  • बिना कुछ किए पसीना का आना।
  • भूख कम लगना।
  • जल्दी थकान महसूस करना।
  • चक्कर आना।
  • हाथ-पैरों में दर्द स महसूस होना।
  • अधिक नीद आना।
  • आँखों के सामने अंधेरा सा लगना।
  • किसी काम को करते मन न लगना या जल्दी ही ऊब जाना।

Conclusion

स्टेमिना बढ़ाने संबंधी इन सभी बातों को आप ध्यान में रख सकते हैं तथा इनका पालन करके आप स्टेमिना को कुछ हद तक सुधार कर सकते हैं।

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बन्देमातरम!

जय हिंद जय भारत।

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FAQ

Ans. हर रोज एक कदम बढ़ाएं, मनपसंद खेल खेलें, साइकिलिंग करें।

Ans. जंक फूड तथा तनाव से घटती है सहनशीलता, वजन का ज्यादा होना, भरपूर मात्रा में नीद का न ले पाना, पानी न पीने से घटता है स्टेमिना। 

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